नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पाकिस्तान से कहा कि अगर वह भारत के साथ बातचीत चाहता है, तो उसे आतंकवाद से किनारा करना होगा। भारत के महत्वाकांक्षी भू-राजनैतिक सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ के द्वितीय संस्करण को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “भारत अकेले शांति के पथ पर नहीं चल सकता है।
पाकिस्तान को भी शांति की राह अपनानी होगी। अगर पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत चाहता है, तो उसे आतंकवाद से किनारा करना होगा।”
जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में बीते साल 18 सितंबर को सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमला तथा इसके प्रतिक्रियास्वरूप 28 सितंबर की रात भारतीय जवानों द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर है। उड़ी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।
उड़ी हमले के बाद भारत ने बीते नवंबर महीने में इस्लामाबाद में होने वाले दक्षेस सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद अन्य सदस्यों ने भी भारत की राह अपनाई। इससे सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था।
(आईएएनएस)

और भी हैं
यूपीएससी सीएसई 2025 का रिजल्ट जारी, अनुज अग्निहोत्री बने ऑल इंडिया टॉपर
प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के तहत दिल्ली में होने वाले “India AI Impact समिट 2026” के लिए परिषद द्वारा की गई तैयारियों की ज़मीनी समीक्षा: चहल
अजित पवार के निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर, विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि