नई दिल्ली| चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में उनके चुनाव अभियान के दौरान किसी भी तरह के हमले को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि उनके साथ दुर्घटना हुई थी, जिस वजह से उन्हें चोट लगी। आयोग ने कहा, “हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह पता चल सके कि ममता के काफिले पर सुनियोजित हमला किया गया था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगातार बदलाव की वजह से पुलिस मुख्यालय और स्थानीय पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के बीच समन्वय का अभाव था।
चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर किए गए हमले का कोई सबूत नहीं है। इस घटना पर चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षकों- अजय नायक और विवेक दुबे ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
विशेष पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर, आयोग ने कहा कि निदेशक (सुरक्षा) विवेक सहाय, जो अंतत: उनकी सुरक्षा के प्रभारी थे, वह मुख्यमंत्री को प्रोटोकोल तोड़ने से नहीं रोक सके।
उन्होंने कहा, “वास्तव में, सहाय मुख्यमंत्री के बुलेट-प्रूफ वाहन में बैठे थे।”
चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों ने सहाय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को हटाने का सुझाव दिया है।
आयोग ने कहा कि जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां के लिए रिटर्निग ऑफिसर से कोई मंजूरी नहीं ली गई और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सख्त अवहेलना की गई।
बुधवार की घटना के बाद, चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव और उसके विशेष पर्यवेक्षक नायक और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक दुबे से शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट मांगी थी।
–आईएएनएस

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