लखनऊ | दूसरों राज्यों से लौटे कामगारों को योगी सरकार रोजगार देने की रणनीति बना रही है। इसके तहत तय किया गया है कि अभियान चलाकर सभी परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कराया जाए। प्रदेश के मुख्य सचिव आर.के. तिवारी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प अभियान के तहत गाम पंचायत और जिला खनिज निधि का उपयोग करते हुए मूलभूत अवस्थापना सुविधाएं पूरी कराई जाएं। मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के आकलन व मूल्यांकन के आधार पर विद्यालयों की ग्रेडिंग और जिलों की रैंकिग होगी, इसलिए तत्काल निर्माण कार्य शुरू करा दें।
मुख्य सचिव ने कहा कि पहले चरण में शुद्ध व स्वच्छ पेयजल, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, मूत्रालय, नल-जल की आपूर्ति, टाइलीकरण, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, क्लास रूम के फर्श का टाइल, ब्लैक बोर्ड, रसोईघर, विद्यालय की रंगाई-पुताई, परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप, रैलिंग, बिजली कनेक्शन आदि के काम कराए जाने हैं। यह काम जनवरी-फरवरी, 2020 में परिषदीय विद्यालयों में कराए गए स्थलीय सर्वेक्षण के आधार पर कराए जाएंगे।
तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी बंदी के चलते विभिन्न राज्यों से प्रवासी मजदूर और मिस्त्री लौटकर अपने-अपने क्षेत्र, गांव और पंचायतों में आ गए हैं। उन्हें शारीरिक दूरी के पालन के साथ इन कार्यो के जरिए रोजगार दिया जाए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया कराने को कहा है। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद ओडीओपी योजना का सहारा लेकर बैंकों से कर्ज दिलाया जाएगा, ताकि वह स्वरोजगार कर सकें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसके लिए एक समिति बनाई गई है।
इसके अलावा रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। यह समिति रोजगार के ज्यादा अवसर कैसे सृजित किए जाएं, इस पर भी अपने सुझाव देगी।
–आईएएनएस

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