पणजी: दक्षिण गोवा के मंगेशी मंदिर के पुजारी के खिलाफ दो युवतियों के उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुजारी का कहना है कि इनमें से एक महिला ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं क्योंकि उन्होंने अविवाहित महिला के मंदिर में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
अदालत ने मामले की बुधवार को होने वाली अगली सुनवाई तक पुजारी को अंतरिम जमानत दे दी है।
आरोपी धनंजय भावे ने शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत को बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ताओं को समझाने की कोशिश की कि देवस्थान के नियमों के अनुरूप अविवाहित बेटियों/अविवाहित महिलाओं के बताने की कोशिश की कि मानदंडों और देवस्थान के नियमों के अनुसार, अविवाहित बेटियों/अविवाहित लड़कियों के मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश वर्जित है।
मंदिर में 28 वर्षो से कार्यरत भावे ने बताया कि उन्होंने महिला को मंदिर के बाहर अपने परिजनों के लौटने तक इंतजार करने को भी कहा था।
भावे ने अदालत में अपनी याचिका में कहा है कि शिकायतकर्ता महिाल ने इस बात को लेकर झगड़ा किया और मंदिर के गर्भ गृह में जाने पर जोर दिया।
भावे पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 के तहत महिला की मर्यादा भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
–आईएएनएस
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