चंडीगढ़| केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुधवार को आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर काला दिवस (ब्लैक डे) के रूप में मनाया। अधिकांश स्थानों पर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किसानों ने विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने घरों के ऊपर काले झंडे लगाए और केंद्र सरकार के नेताओं के पुतले जलाए।
हरियाणा के भिवानी में किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान पिछले साल नवंबर से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
विरोध के मद्देनजर कानून एवं अन्य व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा और पंजाब में विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल देखा गया।
हालांकि गनीमत है कि राज्यों में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
पंजाब के बठिंडा जिले में अपने पैतृक गांव बादल में अपने आवास पर काला झंडा फहराने वाले शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा, किसान आंदोलन के आज छह महीने पूरे होने पर, मैं फिर केंद्र से किसानों के साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करने और काले कानूनों को निरस्त करने का आग्रह करता हूं।
–आईएएनएस

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