नई दिल्ली, 2 फरवरी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश किया। बजट में वेतनभोगियों के लिए 12 लाख रुपये तक की आय को करमुक्त करने से मध्यम वर्ग काफी खुश है। केंद्र सरकार ने आयकर स्लैब में भी बदलाव किए हैं। हालांकि विपक्ष इस बजट की आलोचना कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। लेकिन, कांग्रेस नेता उदित राज ने माना है कि बजट से मध्यम वर्ग को राहत जरूर मिली है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह बजट राजनीति से प्रेरित है, लेकिन आयकर के स्लैब में बदलाव का इंतजार कई साल से किया जा रहा था। आठवें वेतन आयोग के गठन के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने जा रही है जिससे कर संकलन भी बढ़ जाएगा।
उदित राज ने संदेह जताया कि सरकार ने “दिल्ली चुनाव देखते हुए यह राहत दी है”। उन्होंने कहा, “हालांकि, जिस हिसाब से महंगाई बढ़ रही है उसे देखते हुए इस बजट से ज्यादा राहत नहीं है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि महंगाई कम हो। लेकिन महंगाई कम नहीं हो रही है। सरकार को चाहिए इसे कम करे।” उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की बात नहीं है। रोजगार की बात नहीं है। कृषि पर ध्यान नहीं दिया गया है जो कि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। दिल्ली के चुनावों पर बजट के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यम वर्ग को इस बजट में राहत जरूर दी गई है, लेकिन इसमें रोजगार, सरकारी नौकरी की बात नहीं है।
हमारे पास जो शिक्षित लोग हैं, वे नौकरी के लिए कहां जाएंगे। बजट में इनका ध्यान नहीं रखा गया है। किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण सीमा बढ़ाए जाने पर उन्होंने कहा कि इसे तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है, लेकिन किसानों के लिए एमएसपी जरूरी है। इस पर सरकार ने कुछ नहीं किया है। –
-आईएएनएस

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