नई दिल्ली: मुंबई में छात्रों द्वारा नौकरियों की मांग को लेकर लोकल ट्रेन की आवाजाही बाधित करने के बाद रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रेलवे की भर्ती प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश के अनुसार ‘प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी’ है। प्रदर्शनकारी छात्र, जिन्होंने रेलवे एक्ट अप्रेंटिस परीक्षा पास की है, उम्मीदवारों की भर्ती में 20 प्रतिशत की ऊपरी आयु सीमा को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने हालांकि अपना रेल रोको आंदोलन समाप्त कर दिया है।
गोयल ने कहा कि सरकार ने पहले ही उनलोगों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर ली है, जिन्होंने अप्रेंटिस परीक्षा पास की है और वे रेलवे प्रतिष्ठानों के साथ काम कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा, “इसे समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों के आधार पर लागू किया जाता है। आवेदक जो अप्रेंटिस कोर्स कर रहे हैं, उन्हें अप्रेंटिस अवधि के बराबर आयु में छूट दी गई है।”
उन्होंने कहा, “भारतीय रेल में बड़े पैमाने पर भर्तियां हो रही हैं और कानून व सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश के अनुसार स्पष्ट, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।”
मुंबई में, प्रदर्शनकारियों ने माटुंगा और दादर स्टेशन के बीच रेल सेवा बाधित कर दी थी। प्रदर्शकारियों के प्रदर्शन समाप्त करने के बाद ही यहां सेवा दोबारा शुरू हो सकी।
–आईएएनएस
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