समाजवादी पार्टी (सपा) का कहना है कि भाजपा और आरएसएस की सोच मूलत: अल्पसंख्यक विरोधी है।
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने मंगलवार को कहा, “प्रदेश सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलस रहा है। लगभग एक दर्जन जिलों में डर और दहशत का वातावरण है। समाज का हर वर्ग प्रताड़ित है। युवाओं पर दमनचक्र चल रहा है। जहां तक अल्पसंख्यकों का सवाल है, भाजपा-आरएसएस की सोच मूलत: इनके विरोध की है। भाजपा सरकार ने भी प्रशासन और संघ कार्यकर्ताओं को खुली छूट दे दी है कि वे अल्पसंख्यकों को अपनी सनक का शिकार बनाएं।”
चौधरी ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली गतिविधियों को भाजपा के शीर्ष स्तर से संरक्षण मिलने से पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर अराजकता का विस्तार हो रहा है। रह-रहकर उसका वीभत्स रूप दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेश में सांप्रदायिकता का जैसा उभार देखने को मिला है उससे प्रदेश के एक बड़े वर्ग में बेचैनी और आतंक व्याप्त है। कानून के तहत समाज के सभी वर्गो को अपने-अपने धार्मिक विश्वास के अनुसार जुलूस निकालने की आजादी है। भाजपा सरकार ने उस पर भी आघात किया। सत्तारूढ़ दल के समर्थक कानून के साथ खिलवाड़ करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

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