नई दिल्ली(आईएएनएस)| सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के क्रियान्वयन के खिलाफ कोई भी आदेश पारित करने से फिलहाल इंकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है।
प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अगली सुनवाई पर इस मुद्दे के लिए संविधान पीठ का गठन करने के भी संकेत दिए।
सीएए के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से सीएए प्रक्रिया पर कुछ महीनों के लिए रोक लगाने की मांग की।
महाधिवक्ता के.के. वेणुगोपाल ने हालांकि इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि यह स्थगन के समान है।
वेणुगोपाल ने कहा, “यह कानून के क्रियान्वयन पर स्थगन देने समान ही है।”
इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, “हम आज ऐसा कोई आदेश जारी नहीं करेंगे।”

और भी हैं
पीएम मोदी 28 फरवरी को राजस्थान दौरे पर, 16,680 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास-उद्घाटन
बरी किए जाने के बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, बोले-दिल्ली की जनता से माफी मांगें
दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल और सिसोदिया की कैद से लेकर बरी होने तक की पूरी कहानी