नई दिल्ली: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को लेह और पूर्वी लद्दाख में सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। जनरल नरवणे ने उच्च मनोबल और साहस के लिए सैनिकों की प्रशंसा की और उन्हें इसी जोश और उत्साह के साथ काम करते रहने के लिए कहा।
बढ़ते तनाव के बीच, चीन की आक्रामकता जारी रहने पर भारत एक प्रतिक्रिया के रूप में सभी संभावित सैन्य विकल्पों की खोज कर रहा है। भारत ने लद्दाख में अपनी तरफ के वास्तविक नियंत्रण रेखा के 826 किलोमीटर के मोर्चे पर भी तैयारी की है।
मंगलवार को उन्होंने बेस हॉस्पिटल में घायल सैनिकों से बातचीत की। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों किए गए हमले में कुल 76 सैनिक घायल हुए और 20 शहीद हो गए।
उन्होंने सैनिकों से बात की और उन्हें हर कदम पर पूरी एकजुटता का आश्वासन दिया।
जनरल नरवणे का यह दौरा पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ बढ़े तनाव के मद्देनजर हुआ है, जहां हजारों भारतीय सेना के जवान पीएलए से खतरे का सामना कर रहे वास्तविक नियंत्रण रेखा से कुछ मीटर की दूरी पर तैनात किए गए हैं।
उन्होंने सैन्य बल की तैयारियों के साथ ही एलएसी पर तैनाती की भी समीक्षा की।
–आईएएनएस

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