भोपाल| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इससे पहले कमलनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी सरकार की 15 माह की उपलब्धियां गिनाई और भाजपा पर कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। कमलनाथ ने लगभग एक बजे राजभवन जाकर राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। कमलनाथ ने इस्तीफे में कहा है, “मैंने अपने 40 वर्षो के सार्वजनिक जीवन में हमेशा से शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रिक मूल्यों को सदा तरजीह दिया है। मध्यप्रदेश में पिछले दो सप्ताह में जो कुछ भी हुआ, प्रजातांत्रिक अवमूल्यन का एक नया अध्याय है।”
कमलनाथ ने अपने त्याग पत्र में आगे लिखा, “मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। साथ ही नए बनने वाले मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं। मध्य प्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग सदैव रहेगा।”
कमलनाथ ने इससे पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपनी सरकार द्वारा 15 माह में हासिल की गईं उपलब्धियों को गिनाया। साथ ही भाजपा पर आरोप लगाया कि किस तरह उसने राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के समय से ही उसे गिराने की साजिश रचती रही। कमलनाथ ने फिर पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया और उसके बाद वह अपना इस्तीफा देने राजभवन पहुंचे।
गौरतलब है कि कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार शुक्रवार शाम पांच बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करे। अपराह्न् दो बजे फ्लोर टेस्ट शुरू होना था, लेकिन संख्या बल अपने पक्ष में न होने पर कमलनाथ ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
–आईएएनएस

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