नई दिल्ली:| गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद देश के नागरिकों में काफी आक्रोश देखने को मिला है। इसी क्रम में दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने मंगलवार को एक निर्णय के तहत चीन के नागरिकों के लिए अपनी सेवा बंद कर दी है। यानी अब इस एसोसिएशन के अंदर आने वाली सभी टैक्सियों में चीन के नागरिकों को बैठने की इजाजत नहीं होगी। दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अंदर 400 टैक्सी कंपनियां और लगभग 50,000 टैक्सियां आती हैं।
दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने बताया, हमारे सैनिकों के साथ जो व्यवहार किया गया है, उसके बाद हमने यह फैसला लिया है कि हम किसी भी चीन के नागरिक को अपनी टैक्सी की सेवा नही देंगे। हम केंद्र सरकार से यह गुजारिश करते हैं कि चीन के सभी सामानों का देश में बहिष्कार किया जाए।
इससे पहले दिल्ली होटल रेस्टोरेंट एंड ओनर्स एसोसिएशन ने भी यह फैसला लिया था कि दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस में अब किसी भी चीनी व्यक्ति को ठहराया नहीं जाएगा। दिल्ली में लगभग 3,000 बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं, जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं।
हालांकि देश में चीन के खिलाफ गुस्सा देख कल भारत सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी एप पर बैन लगा दिया है। इनमें हेलो, वीचैट, यूसी न्यूज जैसे प्रमुख एप भी शामिल हैं।
— आईएएनएस

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