मिस्टर सोनू सूद रियल हीरो का एक आदर्श उदाहरण है। वैश्विक महामारी कोविड—19 ने इस फिल्म अभिनेता के मानवीय पक्ष को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जगजाहिर किया है। आईएसएम एडुटेक के संस्थापक अपने संस्थान के ऐसे छात्रों के लिए एक ऐसा अवसरों के प्रदाता बनना चाहते थे, जिनके पास क्षमता थी, लेकिन उच्च कैपिटेशन फीस या योग्यता परीक्षाओं में उत्तीर्ण न हो पाने संबंधी दुर्भाग्य के शिकार थे। ऐसे में सोनू सूद में उन्हें परफेक्ट मैच, यानी सब कुछ अनुकूल नजर आया है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के इस विषम दौर के दौरान मई 2020 में सोनू सूद ने दूरदाराज के क्षेत्रों में फंसे हुए हजारों भारतीय प्रवासी कामगारों को उनके घरों तक पहुंचाने में मदद की। उन्होंने कहा था कि इस बात ने मेरी रातों की नींद हराम कर दी, जब मैंने अपने गांवों तक पहुंचने के लिए सैकड़ों लोगों को पैदल चलते देखा। इसकेि बाद सोनू सूद ने एक चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था कर जुलाई 2020 में किर्गिस्तान में फंसे 1,500 से अधिक भारतीय छात्रों को बिश्केक से वाराणसी घर लाने का प्रबंध किया।
आईएसएम एडुटेक के संस्थापक डॉ. फणी भूषण पोटू का कहना है कि आईएसएम के माध्यम से 10,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक हमारी अच्छी तरह से नियोजित प्लेसमेंट और कैरियर प्रबंधन योजनाओं और प्रयासों के माध्यम से विभिन्न देशों में अपनी एमबीबीएस की डिग्री और अन्य पोस्ट-ग्रेजुएशन हेल्थकेयर प्रमाणपत्र हासिल किए हैं। डॉ. फणी भूषण पोटू ने 2000 में अल्माटी, कजाकिस्तान में एक डॉक्टर के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वह समाजसेवा करने के लिए अकेला नहीं रहना चाहता है, ऐसे में उसने अधिक से अधिक डॉक्टर तैयार करने और समाज को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अनूठा मार्ग अपनाया है। उनकी मंशा चिकित्सा शिक्षा को सस्ती और देश के हर परिवार तक पहुंचाने की है। इसके साथ ही उसकी योजना उन छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की है, जो वास्तव में प्रतिभाशाली हैं और गरीबी—रेखा के नीचे हैं। डॉ. फणी भूषण पोटू शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और दुनिया भर के विभिन्न देशों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
बता दें कि चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा शिक्षा, प्रवेश और प्रशिक्षण सेवाओं के क्षेत्र में भारत के प्रमुख शिक्षा सलाहकारों और प्रशिक्षण संगठनों में से आईएसएम एडुटेक का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। आईएसएम एडुटेक छात्रों को अध्ययन और सीखने के लिए सुरक्षित वातावरण की सुविधा के साथ शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और इसे वह पूरा भी करता है। इसी सोच और उद्देश्य के तहत आईएसएम एडुटेक ने सोनू सूद में एक आदर्श ब्रांड एंबेसडर पाया है, क्योंकि दया, सहानुभूति और तमाम मानवीय अच्छाइयों का जीवंत अवतार हैं सोनू सूद।

और भी हैं
Carry On Jatta 4 का पहला टीज़र रिलीज, दिवंगत दिग्गज अभिनेता जसविंदर भल्ला को खास श्रद्धांजलि
ईरान के हालात पर छलका मंदाना करीमी का दर्द, बोलीं-मैं भी महसा अमीनी हो सकती थी
चरक मूवी रिव्यू: अंधविश्वास और कुरीतियों पर करारी चोट फिल्म का क्लाइमेक्स आपको हतप्रभ करेगा