नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को जोर दिया कि कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित वैज्ञानिक और नियामक मानदंडों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। इस समय स्वास्थ्य मंत्री के दावे की अहमियत है, क्योंकि वैक्सीन (टीका) की सुरक्षा और प्रभावकारिता दोनों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हर्षवर्धन ने विश्व बैंक के उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “कड़े निरीक्षण के साथ, हमें यकीन है कि ट्रायल की सुरक्षा से लेकर वैक्सीन की प्रभावशीलता तक वैज्ञानिक और नियामकीय मानदंडों पर कोई समझौता नहीं किया गया है।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले कुछ हफ्तों में वैक्सीन उपलब्ध होगी और जैसे ही नियामक एजेंसी, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा इसे मंजूरी दी जाएगी, टीकाकरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कोविड-19 वैक्सीन के आठ उम्मीदवार नैदानिक परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) के विभिन्न चरणों में हैं और निकट भविष्य में प्राधिकरण के लिए तैयार हो सकते हैं, जिसमें तीन स्वदेशी टीके भी शामिल हैं।
–आईएएनएस

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