गाजीपुर बॉर्डर| शुक्रवार सुबह मौसम में बदलाव ने गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसानों की मुश्किलें बढा दीं। बारिश के कारण किसान स्टोर रूम में रखी खाद्य-सामग्रियों को सुरक्षित करने में जुट गए। जिन टेंटों से पानी टपक रहा था, उसे दुरुस्त करने में जुट गए। कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर्स पर किसानों ने अपना डेरा डाला हुआ है। इससे पहले मंगलवार को तेज हवाओं के साथ आई बरसात ने बॉर्डर पर किसानों के टेंट तक उखाड़ दिए थे।
शुक्रवार सुबह आई बरसात के चलते किसानों के बिस्तर आदि भी भीग गए। उन्हें तुरन्त बदल कर दूसरे बिस्तर किसानों को दिए गए ताकि किसी तरह की कोई समस्या न आए और आंदोलन में किसी तरह का कोई बदलाव न हो।
किसानों ने कहा, “मौसम में बदलाव के साथ कुछ परेशानियां तो आती ही हैं, हमें इन परेशानियों के आने से दिक्कत नहीं आती। खेतों में भी तो हमारे साथ यही होता है। यह हमारा रोज का काम है।”
किसानों के जो टेंट उखड़े हैं, उन्हें फिर से ठीक किया जा रहा है। दूसरी ओर, नेशनल हाइवे पर बारिश के कारण पैदल चलना दुश्वार हो गया है। सुबह आई बारिश से सड़क पर गाड़ियों की लंगी कतारें दिखीं और पैदल चल रहे लोगों को भी दिक्कत पेश आ रही थी।
दरअसल, हाइवे पर लंगर सेवा शुरू की गई है, जिसके कारण सड़कों पर ही तेल पदार्थ की परतें चिपक गई हैं। यही वजह है कि सड़कों पर फिसलन जैसी समस्या सामने आ रही है।
— आईएएनएस
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