✅ Janmat Samachar.com© provides latest news from India and the world. Get latest headlines from Viral,Entertainment, Khaas khabar, Fact Check, Entertainment.

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, पीएम मोदी बोले-ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत हो रही हमारी भूमिका

अहमदाबाद, 31 मार्च। गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक बाजार में एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि साल 2021 में भारत ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ की शुरुआत की थी। यह मिशन सिर्फ एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मविश्वास की घोषणा है। इस मिशन के तहत देश के छह राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपए के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

पीएम मोदी ने हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 28 फरवरी को माइक्रॉन के प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हुआ था और अब 31 मार्च को केयन्स टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का उत्पादन भी शुरू हो गया है। यह महज संयोग नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कितनी तेजी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि एक भारतीय कंपनी ने सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में रुचि दिखाई और आज उसके नतीजे सामने हैं। पीएम मोदी ने कहा, “भारत की अपनी कंपनी केयन्स टेक्नोलॉजी अब ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन चुकी है। यह एक शानदार शुरुआत है और देश के लिए गर्व का पल है।”

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत की कई कंपनियां ग्लोबल सहयोग के जरिए दुनिया को एक मजबूत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन देने में अहम भूमिका निभाएंगी। आज का दिन ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को सही मायनों में साकार करता है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि 21वीं सदी सिर्फ आर्थिक प्रतिस्पर्धा का समय नहीं है, बल्कि यह भविष्य की टेक्नोलॉजी को दिशा देने का दौर है। भारत अब सिर्फ बदलाव का साक्षी नहीं है, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस दशक में भारत जो टेक्नोलॉजी पहल कर रहा है, वे आने वाले दशकों में देश की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेंगी।

–आईएएनएस

About Author