दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने आज 30 दिसम्बर, 2025 को दिल्ली सचिवालय में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की। इस प्रेस वार्ता के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित है।
1– तथाकथित स्वघोषित बेरोजगार नेता और आप के तथाकथित राष्ट्रीय नेता दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने को खराब करने के उद्देश्य से कल पूरे दिन सोशल मीडिया पर झूठ फैलाते रहे। कल सोशल मीडिया पर एक संगठित अभियान चलाया गया कि दिल्ली के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती के लिए लगाया गया है यह पूरी तरह झूठ है। मैं आम आदमी पार्टी को खुली चुनौती देता हूँ अगर शिक्षकों को कुत्तों की गिनती के लिए लगाए जाने का कोई आदेश या सर्कुलर है तो उसे तुरंत सार्वजनिक करें। अन्यथा झूठ फैलाने के लिए लिए दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
2– आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली के तहसीलदारों और सब रजिस्ट्रार की सस्पेंशन को लेकर झूठ फैलाकर प्रशासनिक अराजकता पैदा करने की कोशिश की गई। आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचारियों से इतना प्रेम क्यों है? आम आदमी पार्टी के शासनकाल में इन कार्यालयों में खुलेआम भ्रष्टाचार होता था और आज जब मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कर रही है तो आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचारियों के पक्ष में क्यों खड़ी है?
3– 25 दिसम्बर के आसपास भी आम आदमी पार्टी ने झूठा ट्वीट किया कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली के स्कूलों को आदेश दिया है कि स्कूलों में सांता क्लॉस बनकर आने वाले बच्चों पर कार्रवाई होगी। यदि ऐसा कोई आदेश आम आदमी पार्टी के पास है तो आम आदमी पार्टी उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही?
4—डीएसएसबी से जुड़े विषयों पर भी आम आदमी पार्टी ने जानबूझकर भ्रम फैलाया, जबकि 2022 में ही डीएसएसबी के माध्यम से लगभग 16,000 बच्चों को पास किया गया। यह आम आदमी पार्टी की प्रशासनिक अक्षमता और विफलता को उजागर करता है।
5– दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी के तथाकथित शिक्षा मॉडल, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और तथाकथित भारत रत्न के दावेदारों को चुनाव में सिरे से नकार दिया। फ्रॉड, फोर्जरी और झूठ पर आधारित आम आदमी पार्टी की राजनीति की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। आम आदमी पार्टी अपनी राजनीतिक हार के 10 महीने बाद भी उसे स्वीकार नहीं कर पा रही है और पूरी तरह राजनीतिक जमीन खो चुकी है। बिना साक्ष्य झूठ बोलना और फिर भाग जाना, इससे आम आदमी पार्टी की खोई हुई साख वापस नहीं आने वाली।
6– आम आदमी पार्टी ने न दिल्ली में शिक्षा के लिए कोई ठोस काम किया और न ही प्रशासनिक स्तर पर दिल्ली का विकास किया। उन्होंने सिर्फ झूठ और शोर का सहारा लेकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति की।
7– आम आदमी पार्टी के तथाकथित दिल्ली के शिक्षा मॉडल को दिल्ली की जनता ने नकार दिया। उनके शिक्षा मंत्री हारे, उनके मुख्यमंत्री हारे तथाकथित भारत रत्न के दावेदार भी बुरी तरह पराजित हुए।
8– दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की सरकार जनहित से जुड़े काम कर रही है इसी कारण आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर झूठ और अफवाह फैलाकर दिल्ली सरकार को बदनामी करने की कोशिश कर रही है।

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