अटल बिहारी वाजपेई जी की जन्मशती के अवसर पर दिल्ली को एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी में अटल कैंटीन की शुरुआत की गई, जहां गरीब और जरूरतमंदों को मात्र ₹5 में सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री श्री सूद ने कहा कि यह योजना दया नहीं, बल्कि स्वाभिमान की भावना से प्रेरित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली को स्मार्ट सिटी से सेंसिटिव सिटी की दिशा में आगे ले जाने का सशक्त कदम है।
श्री सूद ने कहा की माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से दिल्ली में ईमानदारी, प्रामाणिकता और बिना किसी बहाने के जनता की सेवा करने का अवसर दिल्ली की आदरणीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी को मिला है। आज इस अटल कैंटीन के उद्घाटन अवसर पर मैं उनका हृदय से स्वागत करता हूं।
शहरी विकास मंत्री ने आगे कहा की 25 दिसंबर का दिन अपने आप में अत्यंत विशेष है। आज भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की जन्मशती का अवसर है। और आज जो कदम उठाया जा रहा है, वह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

अटल जी का जीवन हमें सुशासन के असली मापदंड सिखाता है। सत्ता नहीं—संवेदना। पावर नहीं—कम्पैशन।
लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कई वर्षों में दिल्ली ने ऐसा शासन देखा, जहां संवेदना नहीं थी, समन्वय नहीं था—केवल टकराव था। गवर्नेंस नहीं थी, केवल इवेंट मैनेजमेंट और गिमिक्स थे। जनता को भ्रमित करने का प्रयास था।
झुग्गियों पर भाषण बहुत हुए लेकिन न घर मिले, न गरिमा मिली।
आज अटल जी की जन्मशती पर आदरणीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में, आदरणीय खट्टर जी के आशीर्वाद से और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में—दिल्ली स्मार्ट सिटी से सेंसिटिव सिटी की ओर आगे बढ़ रही है।आज सरकार अपने गरीब भाई-बहनों को स्वाभिमान के साथ ₹5 में सम्मानजनक भोजन उपलब्ध करा रही है।
पिछली सरकार ने कभी नहीं सोचा था कि भारतीय जनता पार्टी जंगपुरा से जीत सकती है। लेकिन जंगपुरा के लोगों ने मोदी जी की बात पर विश्वास किया। मोदी जी ने कहा—“दिल्ली को मैं संभालूंगा।” और आज उन्हीं की सिफारिश पर श्रीमती रेखा गुप्ता जी, उनके मंत्रीगण, और आदरणीय खट्टर जी—झुग्गीवासियों के लिए सम्मान के साथ योजनाएं लेकर आए हैं।
यह कोई दया की सरकार नहीं है। यह स्वाभिमान की सरकार है। ₹5 देकर, अपने पैसे से, सम्मान के साथ भोजन करने का अधिकार हमारी सरकार दे रही है। यह हमारे चुनावी घोषणा पत्र का वादा था।

जो लोग पूछते हैं कि सरकार ने क्या किया—मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।
एक ओर बच्चों की स्कूल फीस पर लगाम लगी है, और दूसरी ओर अटल कैंटीन का वादा जमीन पर उतर चुका है। हमारे लिए मैनिफेस्टो कागज का टुकड़ा नहीं होता।
वह हमारा नैतिक चरित्र होता है। और उस नैतिक चरित्र की पहचान है भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के नाम पर चलाई जा रही यह अटल कैंटीन।
मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने डूसिब को पर्याप्त बजट दिया। पिछली सरकारों ने झुग्गियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन डूसिब को कमजोर करने का काम किया।पिछली सरकार द्वारा 31 मार्च की रात को दुसिब के खाते में 100 करोड़ ट्रांसफर कर दिए जाते थे और 12 बजे बजट खत्म हो जाता था। परिणाम यह हुआ कि झुग्गियों में न पानी पहुंचा, न शौचालय बने।
आज मुख्यमंत्री जी ने दुसिब को 700 करोड़ रुपए का बजट दिया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झुग्गियों में शौचालयों के साथ बहनों के लिए स्नानगृह भी सम्मानजनक तरीके से बनाए जाएं। यही है हमारे नैतिक चरित्र की पहचान।
श्री सूद ने मुख्यमंत्री श्री मती रेखा गुप्ता और आदरणीय खट्टर जी का धन्यवाद करते हुए कहा की उनके नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली की झुग्गी बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में ऐतिहासिक बदलाव आने वाला है।

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