नई दिल्ली: देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों आरटीआई कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय सूचना आयोग से देर से मिलने वाले इन्साफ के प्रति अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए जंतर मंतर पर एक सांकेतिक अनोखा प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों में एक कार्यकर्ता, एक विशाल कठपुतली जिस पर केंद्रीय सूचना आयोग और उसको नचाने वाले पर भारत सरकार लिखा था के माध्यम से प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव गोयल, ने कहा कि आरटीआई (संशोधन) बिल 2018 लोकसभा में पास हो गया तो भविष्य में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) सिर्फ एक भारत सरकार की कटपुतली बनकर रह जाएगा.
डॉ संजीव गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संशोधन में शामिल करने के लिए दो सुझाव का अनुरोध किया.
1. केंद्रीय सूचना आयुक्तों में केस की सुनवाई की कोई समय सीमा निर्धारित की जाए.
2. केंद्रीय सूचना आयुक्तों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 की जाए जिससे लंबित केसों की सुनवाई हो सकेगी क्योंकि देर से मिला न्याय, न्याय नहीं होता.
उन्होंने मांग की कि देश के सभी आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमले की किसी आईपीएस अधिकारी से जांच करवाई जाएगी. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के द्वारा जल्द सुनवाई के केसों के लिए भी कोई दिशा निर्देश निर्धारित किये जाए जिससे केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) मनमानी बंद हो सके.
इस प्रदर्शन में अधिवक्ता रविंद्र कुमार (अध्यक्ष, राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा), अतुल तिवारी, शम्भुनाथ पांडे, रमेश गौड़, कुलदीप शर्मा (अध्यक्ष, समान अधिकार पार्टी) ने भी सभी उपस्थित आरटीआई कार्यकर्ताओं को संबोधन दिया.

और भी हैं
यूपीएससी सीएसई 2025 का रिजल्ट जारी, अनुज अग्निहोत्री बने ऑल इंडिया टॉपर
प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के तहत दिल्ली में होने वाले “India AI Impact समिट 2026” के लिए परिषद द्वारा की गई तैयारियों की ज़मीनी समीक्षा: चहल
अजित पवार के निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर, विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि