नई दिल्ली| असम में एक बीजेपी नेता की कार में ईवीएम पाए जाने की घटना पर मचे हंगामे के बीच चुनाव आयोग ने चार मतदान अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, आयोग ने कहा है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पूरी तरह से सुरक्षित है और सील आदि दुरुस्त है। दरअसल, एक अप्रैल को असम में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में करीमगंज में भी वोटिंग हुई थी। रात में बीजेपी प्रत्याशी के वाहन में ईवीएम को देखकर लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। इस घटना पर चुनाव आयोग के बयान के मुताबिक, सरकारी गाड़ी खराब हो जाने पर मतदान अधिकारियों ने बगल से गुजरती दूसरी गाड़ी में लिफ्ट ली। बाद में पता चला कि यह वाहन बीजेपी प्रत्याशी का है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, लोगों की शिकायत के बाद जांच के दौरान ईवीएम के साथ बीयू, सीयू और वीवीपीएटी ठीक मिली। मशीन से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं मिली। सील के साथ मशीन को स्ट्रांग रूम में जमा कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने परिवहन प्रोटोकॉल का उल्लंघन मानते हुए कुल चार मतदान अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। वहीं पीठासीन अधिकारी को नोटिस जारी करने के साथ स्पेशल ऑब्जर्वर से रिपोर्ट मांगी गई है। बहरहाल, सवाल उठने पर इंदिरा एमवी स्कूल पोलिंग बूथ पर दोबारा मतदान कराने का आयोग ने निर्णय लिया है।
–आईएएनएस

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