नई दिल्ली| कोरोना महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद मंगलवार को लोगों ने ईद-उल-फितर के मौके पर दिल्ली की प्रतिष्ठित जामा मस्जिद में नमाज अदा की।
ईद-उल-फितर रमजान के इस्लामी पवित्र महीने के समाप्त होने का प्रतीक है, जिसके दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक उपवास करते हैं।
यह इस्लामिक कैलेंडर के 10वें महीने शव्वाल का पहला दिन भी है।
हालांकि, चांद दिखने के बाद की तारीख पर ईद-उल-फितर मनाया जाता है।

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को मुबारकबाद दीं।
तीन देशों के यूरोप दौरे पर आए मोदी ने ट्वीट कर कहा, “ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं। यह शुभ अवसर हमारे समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ाए। सभी के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं।”
साथ ही ट्विटर पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “सभी देशवासियों, खासकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को ईद मुबारक! रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाने वाला यह त्योहार समाज में भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का एक पवित्र अवसर है।”
आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मानवता की सेवा करने और जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लें।
–आईएएनएस

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