नई दिल्ली : यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार को फिर से बढ़ गया और इसने खतरे के निशान 205.15 मीटर को छू लिया। नदी का जलस्तर करीब दो सप्ताह पहले ही कम हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को छोड़े गए 174,072 क्यूसेक पानी के कारण दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। बैराज से मंगलवार को 48,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बैराज से छोड़े जाने वाले पानी को सामान्य तौर पर शहर में पहुंचने के लिए 72 घंटे लगते हैं। बैराज से दिल्ली को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हुई है, जिसके कारण यमुना उफान पर है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के बाद नदी ने 204.83 मीटर के खतरे के निशान को पार कर लिया था।
दिल्ली के मुख्य सचिव ने मंगलवार को एक समीक्षा बैठक में सभी विभागों से 28 से 31 जुलाई के बीच उठाए गए कदमों को फिर से दोहराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने विभागों को अतिसंवेदनशील स्थानों पर नौका तैनात करने के निर्देश दिए है।
नदी किनारे रह रहे लोगों को बुधवार सुबह से ऊंचाई वाले स्थानों पर सरकार द्वारा बनाए गए अस्थायी शिविरों और इमारतों में स्थानांतरित किया जाएगा।
–आईएएनएस

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