नई दिल्ली:कोविड महामारी के दौरान नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् (NDMC) स्कूलों के छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षण शुरू किया गया था, इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए पालिका परिषद् ने महत्वपूर्ण कक्षाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए अपने चार स्कूलों- अटल आदर्श विद्यालय-हैवलॉक स्क्वायर, अटल आदर्श बालिका विद्यालय-गोल मार्केट, नवयुग स्कूल-सरोजिनी नगर और नवयुग स्कूल, पेशवा रोड के दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त टैबलेट प्रदान करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष, श्री धर्मेंद्र ने अटल आदर्श बंगाली बालिका विद्यालय, गोल मार्केट, नई दिल्ली में आज इन स्कूलों के छात्रों को एक कार्यक्रम में टैबलेट वितरित करके इस पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के सचिव, सभी विभागाध्यक्षों, के साथ-साथ चारो स्कूलों के प्रमुख और अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अटल आदर्श बंगाली बालिका विद्यालय, गोल मार्केट और अटल आदर्श बालिका विद्यालय, गोल मार्केट,नई दिल्ली में दो टिंकरिंग लैब का उद्घाटन भी पालिका परिषद् के अध्यक्ष द्वारा किया गया । पालिका परिषद् के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र ने वैज्ञानिक सोच और नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में टिंकरिंग लैब स्थापित करने और महामारी के समय ई-लर्निंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

ये टैबलेट पालिका परिषद् द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत, इन छात्रों को मुफ्त में प्रदान किए जा रहे हैं, जो 10 इंच डिस्प्ले और 32 जीबी एक्सपेंडेबल मेमोरी के साथ हैं। ये टैबलेट संबंधित कक्षाओं के लिए अध्ययन सामग्री के साथ पहले से लोड किए हुए हैं। यह छात्रों को घर बैठे सीखने में शिक्षकों द्वारा ली जा रही इंटरैक्टिव ऑनलाइन कक्षाओं के लिए कनेक्ट करने में भी सक्षम करेगा और यह उन्हें पूर्व-लोड की गई शैक्षिक सामग्री भी साथ-साथ प्रदान करेगा। पालिका परिषद् अपने दसवीं और बारहवीं कक्षा के सभी छात्रों को डाटा खरीदने के लिए रूपए 200/- प्रति माह अप्रैल 2020 से प्रदान कर रही है।

भारत में दस लाख बच्चो को आधुनिक नवोन्मेष रूप में प्रग्रत दृष्टि के साथ अपनी कल्पनाओ को साकार रूप देने के लिए नीति आयोग- भारत सरकार द्वारा अटल इनोवेशन मिशन के तहत भारत के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य युवा मस्तिष्कों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना है और साथ ही नये डिजाइन की मानसिकता, कम्प्यूटेशनल सोच, कंप्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करना भी है। ये लैब्स एक ऐसा स्थान है जहां युवा मस्तिष्क अपने विचारों को अपने हाथों से साकार रूप दे सकते हैं और नए कौशल सीखते रहेंगे ।

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