नई दिल्ली: ‘यारियां’ और ‘सनम रे’ जैसी फिल्में बना चुकीं फिल्मकार दिव्या खोसला कुमार का कहना है कि वह महिला उन्मुख फिल्में बनाना पसंद करेंगी, क्योंकि महिलाएं हर क्षेत्र में अद्भुत काम कर रही हैं।
दिव्या ने कहा, “अगर मुझे अद्भुत पटकथा मिलती है तो मैं इसमें काम करना पसंद करूंगी।”
उनका मानना है कि अभिनेत्री का चुनाव भूमिका पर निर्भर करता है।
फिल्मकार ने कहा, “मेरे दिमाग में कोई अभिनेता या अभिनेत्री नहीं है क्योंकि मुझे लगता है कि भूमिका परिभाषित करती है कि आपको किसे कास्ट करना चाहिए।”
उन्होंने अमेजन इंडिया फैशन वीक (एआईएफडब्ल्यू) स्प्रिंग-समर 2018 के रैंप पर रविवार को डिजाइनर चारू पराशर के लिए शोस्टॉपर के रूप में वॉक की।
पराशर ने ‘इम्मोरटेल्ली’ नामक कलेक्शन पेश किया।
डिजाइनर के बारे में दिव्या ने कहा, “यह कपड़े मुझे खूबसूरती से फिट आए, मुझे यह अवधारणा इसलिए पसंद आई, क्योंकि यह महिलाओं को परिभाषित करता है। महिलाएं कड़ी मेहनत करती हैं। मुझे लगता है कि यह उनको सम्मानित करने का समय है क्योंकि वे कभी हार नहीं मानती।”
फिल्म उद्योग में महिलाओं की बदलती भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, “शुरुआत में यहां पुरुषों का बोलबाला था और शायद ही कोई महिला निर्देशक थी, लेकिन अब महिलाएं हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं।”
–आईएएनएस

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