नई दिल्ली | देश में कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में स्थिति केवल बदतर होती जा रही है और यह कहीं से बेहतर नहीं हो रही है। न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन की अध्यक्षता वाली न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की पीठ ने कहा कि देश में कोविड -19 को लेकर स्थिति बिगड़ रही है। पीठ ने यह टिप्पणी पंजाब के एक व्यवसायी जगजीत सिंह चहल की पैरोल से जुड़े एक मामले को निपटाने के दौरान की, जो जगदीश भोला ड्रग मामले में आरोपी है।
पीठ ने कहा कि किसी को भीड़भाड़ वाली जेल में वापस भेजने का कोई मतलब नहीं है, जब वह पैरोल पर बाहर हो सकता है। शीर्ष अदालत ने चहल को हाईकोर्ट में उसकी अपील विचाराधीन रहने तक पैरोल दे दी।
शीर्ष अदालत ने 23 मार्च को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सात साल तक की जेल की सजा वाले अपराधों से संबंधित कैदियों और अपराधियों को पैरोल या अंतरिम जमानत देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया था। निर्देश जेलों में भीड़ को कम करने के मद्देनजर जारी किया गया था।
–आईएएनएस

और भी हैं
सी-डैक भर्ती 2026: कंसल्टेंट के कई पदों पर आवेदन शुरू, 64 वर्ष वालों के पास भी मौका
सरकारी नौकरी का शानदार अवसर: डिप्टी मैनेजर सहित 26 पदों पर भर्ती शुरू, जानें योग्यता और सैलरी
48 घंटों में दूसरी बढ़ोतरी: वैश्विक तेल संकट के बीच दिल्ली में सीएनजी फिर से हुई महंगी