नई दिल्ली| असम विधानसभा चुनाव में जीत के छह दिन बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शनिवार को अगली सरकार के नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। असम में नई सरकार के गठन पर चर्चा के लिए भाजपा प्रमुख जे.पी. नड्डा के आवास पर एक बैठक शुरू हो चुकी है। भाजपा ने असम विधानसभा चुनाव लगातार दूसरी बार जीता है।
चुनाव परिणामों के बाद भगवा पार्टी ने अपनी संसदीय बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई थी, जिसमें आम तौर पर इस बात की घोषणा की जाती है कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा।
भाजपा ने असम में मार्च-अप्रैल के चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी। भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं और इसके गठबंधन साथी एजीपी ने 9 और यूपीपीएल ने 6 सीट जीती थी।
सोनोवाल और सरमा दोनों के साथ बिमल बोरा, तरंगा गोगोई, मुकुल लाहकर, मंटू ठाकुरिया, संतनु कलिता और गौतम प्रसाद सुबह की ही चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में अगले मुख्यमंत्री के नामों पर चर्चा होगी क्योंकि छह दिन बीत चुके हैं और असम में नई सरकार के गठन पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
असम बीजेपी के एक नेता ने कहा, “विधायकों में से अधिकांश सरमा को मुख्यमंत्री बनने के पक्ष में हैं। सरमा भी कोविड को नियंत्रित करने के लिए अथक प्रयास करने के लिए जनता के बीच लोकप्रिय हैं।”
2015 में भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व कांग्रेस नेता, सरमा ने 2016 में भाजपा सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह राज्य और पूरे उत्तर पूर्व क्षेत्र में पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरे में से एक बन गए हैं । वह नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक भी हैं।
–आईएएनएस

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