✅ Janmat Samachar.com© provides latest news from India and the world. Get latest headlines from Viral,Entertainment, Khaas khabar, Fact Check, Entertainment.

राजस्थान का सीएम कौन? सोनिया गांधी से सचिन पायलट कर रहे मुलाकात

Advertisement

नई दिल्ली। राजस्थान में सियासी संकट के बीच अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट अब सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे हैं। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि गहलोत नें राजस्थान सीएम पद पर बने रहने की जिम्मेदारी आलाकमन पर छोड़ दी है।

इससे पहले केसी वेणुगोपाल नें साफ कर दिया है कि, राजस्थान के मुख्यमंत्री को लेकर अगले एक दो दिनों में फैसला हो जाएगा। दूसरी ओर गहलोत अध्यक्ष पद की रेस से बाहर हो गए हैं, उन्होंने यह बात सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद कही।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें कहा था, मैं कांग्रेस का वफादार सिपाही हूं, पूरे मामले पर सोनिया गांधी से खेद जताया है और ऐसे माहौल में मैं चुनाव नहीं लडूंगा। मैंने सोनिया गांधी से बैठकर बातचीत की, जिस प्रकार से पिछले 50 सालों में कांग्रेस में इंदिरा जी के वक्त से राजीव जी और उनके बाद सोनिया जी के संग एक वफादार सिपाही के रूप में मैंने काम किया है।

Advertisement

सोनिया जी के अशीर्वाद से मुझे सबकुछ मिला, मंत्री रहा मुख्यमंत्री बना,जो घटना हुई, उसने हिला कर रख दिया है और मुझे दुख है। देश में संदेश गया की मैं सीएम बने रहना चाहता हूं।

उन्होंने आगे कहा, मैंने सोनिया जी से माफी मांगी है, एक फैसला करते वक्त एक लाइन का प्रस्ताव पारित होता है। मैं उस प्रस्ताव को पारित नहीं कर पाया है, मुझे दुख रहेगा।

कांग्रेस दो दशक से अधिक समय के अंदर अपने पहले गैर गांधी परिवार के अध्यक्ष को लाने की तैयारी कर रही है। तीनों गांधी 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से बाहर रहेंगे, अब तक कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शशि थरूर ने नामांकन पत्र लिया है तो वहीं अब पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी नामांकन पत्र ले लिया है।

Advertisement

केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के दिल्ली में मौजूद न होने के कारण वह शुक्रवार को नामांकन पत्र भरेंगे। दिग्विजय सिंह के अलावा शशि थरूर भी 30 सितंबर को नामांकन पत्र भरेंगे।

दरअसल अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी हो चुकी है। पर्चा दाखिल करने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। यानी जो भी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ना चाहता है वह पर्चा दाखिल कर सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाला केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण इस मतदान की देखरेख करेगा।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर रखी गई है। वोटिंग 17 अक्टूबर को होगी, जबकि चुनाव परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे, वोटिंग तभी होगी जब दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे। अगर एक प्रत्याशी खड़ा होता है तो उसे निर्विरोध चुन लिया जाएगा।

Advertisement

–आईएएनएस

Advertisement