ओम कुमार, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिमों में एक बार में तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर दिए जाने वाले तलाक की प्रथा को ‘अमान्य’, ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ है।
यानि इंस्टैंट तीन तलाक पर रोक लगी है जो वाटसपअप, फोन या लेटर लिखकर दे दिया जाता था।
सुप्रीम कोर्ट ने 3:2 के मत से सुनाए गए फैसले में इस तीन तलाक को कुरान के मूल तत्व के खिलाफ बताया। पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने अपने 395 पन्नों के आदेश में कहा 3:2 के बहुमत के जरिए दर्ज किए गए विभिन्न मतों को देखते हुए ‘तलाक-ए- बिद्दत’ तीन तलाक को दरकिनार किया जाता है और संसद इस पर कानून बनाये।
वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के बाहर रियलिटी शो ‘बिग बॉस 10’ के कंटेस्टेंट रहें स्वामी ओम और उनके साथी की लोगों ने पिटाई कर दी।
बताया जा रहा है कि, ट्रिपल तलाक़ पर आए फ़ैसले और देश के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश बनने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारे बाजी कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट परिसर में पहुंचकर स्वामी ओम मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे एस खेहर समेत पांचों जजों के फ़ैसले को गलत बताने लगे।
स्वामी ओम का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पुरुषों की आजादी खतरें में पड़ जाएंगी और इससे महिलाओं को ओर भी आजादी मिल जाएगी।
बस इतना कहते ही वहां पर मौजूद लोगों ने स्वामी ओम और उनके साथी की जमकर पिटाई कर दी उसके बाद कोर्ट की सुरक्षा में लगी पुलिस ने मौक़े पे आकर स्वामी ओम को बाहर निकाला और सुप्रीम कोर्ट के बाहर छोड़ दिया।
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