मेघालय : राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा को मेघालय मे संग खासी मारबिसु के शताब्दी वर्ष में मुख्य अतिथी के रूप में आमंत्रित किया संग खासी ट्राइब के लोग मेघालय में अल्पसंख्यक हैं और अपने रीति रिवाज के प्रति सजग रहते हैं । समुदाय की चौहद्दी लक्ष्मण रेखा की तरह है । इसलिए उनके द्वारा Seng Khasi Marbisu के शताब्दी वर्ष में मुख्य अतिथी के रूप में आमंत्रित करना और सम्मान देना इस बात को दर्शाता है भारत का हर व्यक्ति संस्कृति और सरोकार से एक दूसरे से जुड़ा है ।


इस छोड़ से लेकर उस छोड़ तक हम सब एक हैं । भाषा भूगोल को भावनायें पाट देती हैं । पहली बार किसी non tribal उसने भी उत्तर भारत के व्यक्ति को उन्होंने अपना सबसे बड़ा मंच दिया । वे ख़ासी बोलते हैं और संस्कृति के वाहक हैं । अत्यंत ही आकर्षक कार्यक्रम हुआ जिसमें 2400 बच्चों ने हिस्सा लिया । पहली बार किसी नोन ट्राइबल को मुख्य अतिथी बनाया गया हैं वह भी नार्थ इंडियन को इस समारोह मे 50 हज़ार संग खासी ट्राइब के लोग इकठा हुए । ये लोग RSS से भी दूरी रखते हैं उन्हें डर था उन्हें हिंदू बना देंगे पर राकेश सिन्हा ने जो उनके बीच चार साल से काम किया है मेघालय के कोंगथोंग गाँव को गोद लिया और तीन और हाँसी को गोद लेकर इनका विश्वास जीता है । सिन्हा को उन्होंने मैस्कॉट बना लिया है

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