नई दिल्ली : दिल्ली साहित्य महोत्सव का छठा संस्करण शुक्रवार को दिल्ली हाट में शुरू हो गया। इस तीन दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम के पहले दिन बहुत कम लोग पहुंचे। इस महोत्सव का उद्घाटन शुक्रवार शाम को हुआ, जिसमें पैनल चर्चा भी हुई।
साहित्य महोत्सव में संगीत कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें लेखिका व गायिका मीनू बख्शी ने गजलों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संगीत कार्यक्रम के बाद लेखक सनिल सच्चर के साथ पैनल चर्चा की शुरुआत हुई।
सनिल ने इस बात पर सहमति जताई कि कभी-कभी पारंपरिक लेखकों व प्रकाशकों में युवा लेखकों को उपेक्षित नजरिए से देखने की प्रवृति होती है। उन्होंेने कहा कि लेखकों को पुराने और नए लेखकों की श्रेणी में बांटने से साहित्य को नुकसान ही होगा।
सनिल ने कहा, “मैं एक लेखक हूं। मैं खुद को एक पुराने या नए लेखक के तौर पर नहीं देखता बल्कि एक लेखक के रूप में देखता हूं। हर किसी के पास पेश करने के लिए कुछ खास होता है और अलग-अलग तरह की किताबों को पढ़ने के लिए अलग-अलग पाठक वर्ग हैं। हर किताब के पाठक हैं। पाठकों को अच्छी पाठन सामग्री उपलब्ध नहीं कराना अनुचित होगा।”
दिल्ली साहित्य महोत्सव का सबसे पहले आयोजन 2013 में किया गया था।
–आईएएनएस

और भी हैं
चिन्मय मिशन प्रस्तुत करता है ‘अवेकनिंग’ — स्वामी चिन्मयानंद पर बनी एक संगीतमय जीवनी। इसे निर्देशक मणि शंकर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ अंजलि जोशी ने तैयार किया है, जिसमें पूज्य स्वामी स्वरूपानंद जी की प्रेरणा और आशीर्वाद शामिल हैं।
जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग तेज, संविधान बनाने का अल्टीमेटम; जारी रहेगी भूख हड़ताल
एथेनॉल-आधारित मोबिलिटी को बढ़ावा; फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए सरकार ने लागू किए ई100 ईंधन मानक