मनोरंजन जगत की चर्चित प्रोड्यूसर एकता कपूरने नए कलाकारों को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। मोहसिन खान के पॉडकास्ट MK Talks में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “आज के नए स्टार्स डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।”
एकता कपूर के अनुसार, फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में बीते कुछ वर्षों में कलाकारों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सफलता के साथ जश्न, पार्टियां और सामाजिक मेलजोल होता था, वहीं अब नई पीढ़ी के कलाकारों का जीवन अधिक अनुशासित और सीमित हो गया है।
उन्होंने बताया कि आज के कलाकार फिटनेस, योग और सख्त रूटीन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि सामाजिक गतिविधियां और खुलकर जश्न मनाने की परंपरा लगभग खत्म होती जा रही है। एकता का मानना है कि यह बदलाव कलाकारों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है और उनमें अकेलापन तथा भावनात्मक दबाव बढ़ा रहा है।
बातचीत के दौरान मोहसिन खान ने एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक “क्योंकि सास भी कभी बहूथी” का भी जिक्र किया। इस पर एकता ने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि उस दौर में सफलता को सामूहिक रूप से मनाया जाता था, जिससे कलाकारों के बीच आपसी जुड़ाव बना रहता था।
पॉडकास्ट में एकता कपूर ने अपने फिल्मी अनुभवों और , द डर्टी पिक्चर जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की, लेकिन उनका यह बयान सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मनोरंजन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का दबाव और परफॉर्मेंस की लगातार अपेक्षाएं भी कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं।
एकता कपूर का यह बयान न केवल इंडस्ट्री की बदलती संस्कृति को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि ग्लैमर के पीछे छिपे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

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