एक आर रहमान का ‘वंदे मातरम’ उन लोगों के दिलों में कभी नहीं समा सकता जो अपनी भारतीय विरासत पर गर्व करते हैं। और इन भावनाओं को भड़काने का इससे अच्छा तरीका क्या है कि मधुर धुनों की तुलना में इस तरह की मासूमियत के साथ गाया जाता है, जो कि हमारे अपने अंग्रेजी हाई स्कूल के 1000 ऑल-गर्ल चॉइस हैं। इस अनुभव को और भी खास बनाते हुए मेस्ट्रो की ओर से खुद का सरप्राइज विजिट किया गया!

और भी हैं
मैजिकम में बर्लिन की जादू की छिपी हुई दुनिया को जानें
‘है जवानी तो इश्क होना है’ (रिव्यू): वरुण धवन की कॉमेडी से भरपूर फिल्म, खूब सारी उथल-पुथल, कन्फ्यूजन और डेविड धवन का क्लासिक एंटरटेनमेंट
संत का किरदार निभाना आसान नहीं, मुझ पर महाराज जी का आशीर्वाद: अभिनेता सुबोध भावे