✅ Janmat Samachar.com© provides latest news from India and the world. Get latest headlines from Viral,Entertainment, Khaas khabar, Fact Check, Entertainment.

दिल की बीमारी का इलाज नहीं होने से मौत का खतरा 5 गुना ज्यादा

.

दिल की बीमारी का इलाज नहीं होने से मौत का खतरा 5 गुना ज्यादा

Advertisement

न्यूयॉर्क| अस्पताल में भर्ती हुए कोविड मरीज अक्सर दिल की बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं। एक ताजा रिसर्च से पता चला है कि दिल की बीमारी का इलाज नहीं होने से कोविड रोगियों के मरने की संभावना लगभग पांच गुना अधिक हो जाती है।

अध्ययन में कोविड रोगियों को पहले चरण के इजेक्शन अंश के साथ दिखाया गया है । इसके तहत बाएं वेंट्रिकुलर इजेक्शन अंश का एक माप जब तक कि अधिकतम वेंट्रिकुलर संकुचन का समय 25 प्रतिशत से कम हो, तो मरीज की मौत की आशंका पांच गुना अधिक बढ़ जाती है।

टीम ने यह भी पाया कि समान जोखिम वाले कारकों के समान अनुपात वाले, जिनके पास कोविड नहीं था, उनमें प्रथम-चरण अस्वीकृति अंश के निम्न मान थे। यह पता चलता है कि दिल को नुकसान पुरानी पूर्व-मौजूदा स्थितियों के कारण हो सकता है । इसे कोविड संक्रमण का परिणाम नहीं माना जा सकता है। ये दावा शोधकतार्ओं ने किया है।

Advertisement

लंदन में सेंट थॉमस अस्पताल में कार्डियोवस्कुलर क्लिनिकल फामार्कोलॉजी के प्रोफेसर फिल चिवेंस्की ने कहा, परंपरागत रूप से, हृदय का कार्य इजेक्शन अंश द्वारा मापा जाता है, या हृदय के प्रत्येक संकुचन के साथ बाएं वेंट्रिकल पंप से कितना रक्त निकलता है।

उन्होंने कहा, प्रथम चरण का इजेक्शन अंश, दिल के कार्य का एक नया माप है, जो पारंपरिक इजेक्शन अंश उपायों की तुलना में दिल के शुरूआती, अनिर्धारित क्षति के प्रति अधिक संवेदनशील लगता है। इस रिसर्च के नतीजे पत्रिका हाइपरटेंशन में प्रकाशित हुए हैं।

कार्डियोवस्कुलर रिस्क फैक्टर और बीमारी को कोविड जोखिम कारकों के रूप में मान्यता दी गई है जो कि सार्स-कोव -2 महामारी के शुरूआती दिनों में रोगी के परिणामों पर उच्च नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। शोधकतार्ओं ने परिकल्पना की है कि हृदय की विफलता की पूवार्नुभूति अस्पताल में भर्ती मरीजों में कोविड के अधिक गंभीर मामलों से जुड़ी होगी।

Advertisement

इस मामले में रिसर्च करने वाली टीम ने चीन के वुहान में 129 हॉस्पिटलाइज्ड कोविड रोगियों और दक्षिण लंदन में 251 हॉस्पिटलाइज्ड कोविड रोगियों के लिए फरवरी और मई 2020 के बीच मृत्यु दर का विश्लेषण किया है।

प्रोफेसर फिल चिवेंस्की ने कहा निष्कर्ष बताते हैं कि अगर हम पहले चरण के इजेक्शन अंश इमेजिंग का उपयोग करके पता लगाए गए हृदय को होने वाली बहुत पुरानी क्षति को रोक सकते हैं, तो लोगों को कोविड जैसे श्वसन संक्रमण से बचने की अधिक संभावना होगी। इसके अलावा स्वस्थ जीवन शैली विकल्प, बेहतर उपचार, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल के उपचार भी महत्वपूर्ण हैं। ”

–आईएएनएस

Advertisement
Advertisement