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New Delhi: Members of the United Students of Jamia Millia Islamia University hold a sit-in protest demanding the restoration of the students’ union and the announcement of an election schedule, at the university’s main campus in New Delhi on Thursday, October 29, 2026. (Photo: IANS/ Wasim Sarvar)

जामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग पर सहमति, भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने खत्म किया अनशन

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर । जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान को तैयार करने, मंजूरी देने और लागू करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 मई 2027 की समय-सीमा तय की है। प्रशासन के इस फैसले के बाद छात्र प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय के बीच सहमति बनी, जिसके बाद 18 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

छात्रों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया और इस घटनाक्रम के बाद परिसर में जश्न मनाया।

दरअसल, एबिन बेसिल और रेहान गनी छात्र संघ की बहाली समेत अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। अनशन के 18वें दिन उनकी मांगों पर सहमति बनी। छात्रों ने कहा कि प्रशासन ने आधिकारिक नोटिस जारी कर उनकी मांगों को स्वीकार करने और उन्हें पूरा करने की दिशा में कदम उठाने की जानकारी दी है।

एक छात्र ने बताया कि 18 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला प्रशासन की ओर से मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया। छात्र संघ की बहाली की दिशा में हुई प्रगति के बाद अनशन समाप्त किया जा रहा है। छात्रों ने रजिस्ट्रार, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

एक अन्य छात्र ने बताया कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के राज्यसभा सांसद हारिस बीरन ने मध्यस्थता की। उन्होंने पहले कुलपति के साथ बैठक की और फिर छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इसके बाद वह दोबारा कुलपति कार्यालय गए, जहां सहमति की आधिकारिक घोषणा की गई। प्रेस विज्ञप्ति जारी होने और आधिकारिक अधिसूचना आने के बाद भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का अनशन समाप्त कराया गया। रजिस्ट्रार और हारिस बीरन ने छात्रों को नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महताब आलम ने बताया कि छात्रों की ओर से तीन लिखित मांगें रखी गई थीं। इनमें प्रमुख मांग 15 मई 2027 तक छात्र संघ का ड्राफ्ट संविधान तैयार करने की थी। छात्रों ने यह भी मांग की थी कि संविधान तैयार होने के बाद लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ के चुनाव कराए जाएं। प्रशासन ने ड्राफ्ट संविधान तैयार करने की समय-सीमा पर सहमति दे दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान तैयार करने वाली समिति में केवल प्रोफेसर और कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि छात्रों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके लिए प्रत्येक फैकल्टी से प्रतिनिधि लिए जाएंगे।

रजिस्ट्रार ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य संविधान तैयार करने की प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना और उनके विचारों को उचित स्थान देना है। प्रशासन ने छात्र प्रतिनिधियों की मांगों को स्वीकार करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।

छात्र संघ की मांगों पर सहमति के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कक्षाएं फिर से ऑफलाइन शुरू करने की योजना भी साझा की। रजिस्ट्रार महताब आलम ने कहा कि छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं, लेकिन अब दीपावली की छुट्टियों के बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर तक छुट्टियां हैं और जो छात्र अपने घर चले गए हैं, उनसे निर्धारित तारीख तक लौटने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के वापस आने के तुरंत बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की कोशिश होगी।

–आईएएनएस

 

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