पाकिस्तान : पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चिकित्सकीय आधार पर जमानत पर रिहा करने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि जमानत चिकित्सकीय आधार पर नहीं दी जा सकती है। इस पीठ में न्यायमूर्ति आमेर फारूक व न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी शामिल थे।
शरीफ को दस दिन पहले कोट लखपत जेल से जिन्ना अस्पताल भेजा गया। शरीफ कोट लखपत जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने फैसले को निराशाजनक बताया।
अब्बासी ने कहा, “हमने हमेशा से अदालत के आदेशों का सम्मान किया है, हम इस आदेश का भी आदर करते है। हम सभी कानूनी रास्ता अख्तिायार करेंगे जो उपलब्ध हैं।”
उन्होंने कहा, “शरीफ के लिए जरूरी इलाज जेल में नहीं प्रदान किया जा सकता। इसीलिए जरूरी है कि उन्हें रिहा किया जाए।”
जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद अरशद मलिक ने 24 दिसंबर 2018 को शरीफ को अल-अजीजिया स्टील मिल्स कंपनी (एएससीएल) व हिल मेटल एस्टेब्लिशमेंट (एचएमई) के मामले में दोषी करार दिया था और उन्हें सात साल का कारावास व 2.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था।
–आईएएनएस

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