नई दिल्ली| आरबीआई ने शुक्रवार को 2,000 के नोट को चलन से वापस लेने का फैसला लिया है। इसके बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 8 नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले के बाद इतनी धूमधाम से पेश किए गए 2,000 रुपये के नोट अब वापस लिए जा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा, हमारे स्वयं-भू विश्वगुरु, पहले करते हैं, फिर सोचते हैं। 8 नवंबर 2016 के विनाशकारी तुगलकी फरमान के बाद इतनी धूमधाम से पेश किए गए 2000 रुपये के नोट अब वापस लिए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 8 नवंबर 2016 का भूत एक बार फिर देश को परेशान करने के लिए वापस आ गया है। नोटबंदी का बहुत प्रचारित कदम इस देश के लिए एक बड़ी आपदा बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने 2000 के नए नोटों के फायदों पर राष्ट्र को उपदेश दिया, आज जब छपाई बंद है तो उन सभी वादों का क्या हुआ?
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार को इस तरह के कदम के पीछे अपनी मंशा बतानी चाहिए। सरकार अपने जन विरोधी और गरीब विरोधी एजेंडे को जारी रखे हुए हैं। उम्मीद है कि मीडिया इस तरह के कठोर कदम पर सरकार से सवाल करेगा और इसे दुनिया में ‘चिप की कमी’ के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को 2,000 रुपये के बैंक नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा के बाद कांग्रेस नेताओं की यह टिप्पणी आई, लेकिन कहा कि यह 30 सितंबर तक वैध मुद्रा के रूप में जारी रहेंगे।
–आईएएनएस

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