एस.पी. चोपड़ा,
नई दिल्ली। फुल्लु के स्टार कास्ट शारिब हासमी और फिल्म एक्ट्रेस ज्योती शेट्टी और डायरेक्टर अभिषेक सक्सेना प्रमोशन के लिए पहुंचे और साथ मे दिल्ली के उप मुख्यमंत्री भी मनीस सिसोदिया भी हिस्सा बने और फिल्म के एक्टर शारिब हासमी और एक्ट्रेस ज्योती शेट्टी ने मिडिया को फिल्म के बारे मे बताया।
फिल्म की कहानी एक ऐसे गांव पर आधारित है, जहां महिलाएं आज भी माहवारी के दौरान कपड़ों का ही प्रयोग करती हैं और इसी के कारण सेंसर बोर्ड ने फिल्म को एडल्ट सर्टिफिकेट दिया है।

फिल्म की कहानी एक गांव की उन महिलाओं की है जो आज भी इनको ये सब पता नही है। कि इस दौरान इन्फेक्शन न होने के लिए अगर वह सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करेंगी तो उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा।
फिल्म का मकसद सिर्फ मनोरंजन करना नहीं है , बल्कि महिलाओं को जागरूक करना भी है लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक बेहतरीन मकसद के साथ बन रही इस फिल्म को सभी उम्र के दर्शक तो देख ही नहीं पाएंगे।
सेंसर बोर्ड ने फुल्लू को ए सर्टिफिकेट दे दिया है और आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि महिलाओं की माहवारी की समस्या और सेनेटरी नैपकिन जैसे शब्दों और विषय का चुनाव इसका कारण बना है।
शारिब हासमी आगे बताते है “मुझे ये समझ नही पा रहा हु कि हमारी फिल्म को क्यों ए सर्टिफिकेट मिला है। मैं उस बारे में यही कहना चाहूँगा कि ये ऐसा विषय है, जिसके बारे में टीनेजर्स को जानना सबसे ज़्यादा जरूरी है। फिल्म “फुल्लू” 16 जून को रिलीज़ होगी।

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