उदयपुर| कांग्रेस चिंतन शिविर का रविवार को आखिरी और महत्वपूर्ण दिन है जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले लिए जा सकते हैं। सुबह सीडब्ल्यूसी की बैठक और उसमें लिए जाने महत्वपूर्ण फैसलों पर सबकी नजर है, क्योंकि कांग्रेस की इसी मंथन से आगे की सियासी जमीन तैयार होगी। राहुल गांधी का सम्बोधन और फिर ऐसा भी कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी का भी इस शिविर के आखिरी पड़ाव में संबोधन होगा। तीन दिन में तैयार हुए मसौदे पर अंतिम मुहर लग जाएगी। छह कमिटियों के 430 वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस का भविष्य लगभग तैयार कर लिया है।
छह सूत्रीय प्रस्ताव सोनिया गांधी को सौंप दिया जाएगा, वहीं सीडब्ल्यूसी के सामने रखा जाएगा। इन प्रस्तावों में किसान-कृषि, युवा-संबंधी मुद्दे, सामाजिक न्याय और कल्याण और अर्थव्यवस्था शामिल हैं। एक परिवार एक टिकट, युवाओं, एससी- एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए 50 फीसदी आरक्षण, संसदीय दल बोर्ड का गठन, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई आंतरिक चुनाव शामिल है।
इसके अलावा राहुल गांधी की कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी की पदयात्रा व सॉफ्ट हिंदुत्व को लेकर भी कांग्रेस अपना पक्ष रख सकती है। पार्टी लगातार बदलाव की बात कर रही है जिसपर सोनिया गांधी भी कई बार कह चुकीं हैं।
आलाकमान का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं को पार्टी ने बहुत कुछ दिया है अब कर्ज उतारने की बारी है। वहीं राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के लिए भी सुगबुगाहट चल रही है, पार्टी के कुछ नेता लगातार इस पर बात कर रहे हैं।
–आईएएनएस

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