नई दिल्ली| देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर एक तरफ किसानों के कुछ संगठनों से जुड़े किसान केंद्र सरकार द्वारा लागू नये कृषि कानूनों के विरोध में एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभिन्न केंद्रीय योजनाों के लाभार्थी छह किसानों के साथ संवाद किया। इनमें पूर्वोत्तर के उत्तर प्रदेश से लेकर देश में किसानों की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के किसान शामिल थे। इससे पहले मोदी ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते में योजना की अगली किश्त के तौर पर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजने के कार्य का बटन दबाकर शुभारंभ किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्म दिन पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से करीब आठ करोड़ किसान डिजिटल माध्यम से प्रधानमंत्री के संवाद को सुन रहे थे।
पीएम किसान योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी किसान के बैंक खाते में हर चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त के रूप में एक साल में कुल 6,000 रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा किए जाते हैं। यह योजना एक दिसंबर, 2018 से लागू है हालांकि योजना की घोषणा तत्कालीन वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने एक फरवरी 2019 को संसद में पेश अंतरिम बजट के दौरान की थी।
इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि योजना के 9.04 करोड़ किसानों के बैंक खाते में दो घंटे के भीतर 18,058 करोड़ रुपये पहुंच जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पीएम किसान योजना के तहत 11 करोड़ 4 लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है और इस योजना के तहत इससे पहले देश के 10 करोड़ 59 लाख किसानों को 96,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाई गई है। पीएम किसान योजना का सालाना बजट लगभग 75,000 करोड़ रुपये है।
–आईएएनएस

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