दोहा (आईएएनएस)| अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अफगानिस्तान में शांति के लिए ऐतिहासिक अमेरिका-तालिबान शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका और तालिबान के प्रतिनिधियों ने शनिवार को कतर की राजधानी दोहा में लंबे समय से प्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर किए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शनिवार को इस समझौते के बाद अफगानिस्तान में एक स्थायी राजनीतिक समाधान हासिल करने के प्रयासों का स्वागत किया।
समझौते में कहा गया है कि यदि आतंकी अफगान सरकार के साथ बातचीत करते हैं और आतंकवादी समूहों के साथ संबंध तोड़ते हैं, तो अमेरिकी सैनिकों की क्रमबद्ध तरीके से अफगानिस्तान से वापसी कराई जाएगी।
समझौते के अनुसार, अमेरिका 135 दिनों के भीतर अफगानिस्तान में तैनात अपने सैनिकों की संख्या 8,600 से कम करेगा। साथ ही यदि तालिबान अपने वादों को पूरा करता है, तो अमेरिका अपने नाटो के सहयोगियों सहित पूरी तरह से 14 महीनों के भीतर देश से बाहर निकल जाएगा।
समझौते ने अफगानिस्तान के भीतर वार्ता के लिए भी मंच तैयार कर दिया है, जो उम्मीद के अनुसार 10 मार्च को हो सकती है।
व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सेना को निकालने के लिए पहली निकासी जल्दी शुरू होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में वह तालिबान के नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात करेंगे।

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