ग्रेटर नोएडा। सीमा-सचिन मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं तो दूसरी तरफ रोजाना इस मामले में कुछ ना कुछ नया डेवलपमेंट दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दया याचिका लगाकर सीमा को भारत की नागरिकता देने की गुहार लगाई गई।
याचिका में कहा गया कि सीमा भारत की बहू है और उसकी शादी सचिन से हो चुकी है। उसे पाकिस्तान नहीं भेजा जाए। वह हिंदू धर्म अपना चुकी है। याचिका के साथ सचिन और सीमा की शादी करते हुए कई फोटो भी भेजे गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह की तरफ से राष्ट्रपति को याचिका भेजी गई है। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा है कि बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिन्हें भारत की नागरिकता दी गई है। चाहे वह बांग्लादेशी हों, पाकिस्तानी हों, या अन्य मुल्कों के हों।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक आरटीआई की जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि 5 सालों में 5,220 विदेशी नागरिकों को भारत में नागरिकता दी गई है। सीमा को भी नागरिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी याचिका में कई लोगों का जिक्र करते हुए बताया है कि किस तरीके से पाकिस्तान या अफगानिस्तान में रहने वाली कई महिलाएं हैं, जिनकी शादी भारत के कई अन्य शहरों में हुई है और वह लंबे समय से यहां पर रह रही हैं। उनको लॉन्ग टर्म वीजा भी दिया गया है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि सीमा की शादी सचिन से नेपाल में हुई है। नेपाल से भारत का रोटी-बेटी का नाता रहा है। सीमा ने अपना धर्म भी बदल लिया और एक हिंदुस्तानी लड़के से शादी भी कर ली, जिसे ध्यान में रखते हुए दया की जाए और उसे यहीं की नागरिकता दे दी जाए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि करीब 4 साल पहले सीमा की उसके पति गुलाम हैदर से तलाक हो चुका है। सीमा अपने पिता के साथ रहती थी। सीमा को एक नए साथी की जरूरत थी और जो उसे चुनने का पूरा अधिकार भी है। याचिका के साथ सचिन और सीमा के कई फोटोग्राफ्स भी लगाए गए हैं, जिनमें सचिन और सीमा दूल्हा-दुल्हन के कपड़ों में एक-दूसरे को माला पहनाते हुए दिख रहे हैं।
सीमा के मुताबिक उसने सारी तस्वीरें एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत की थी। सीमा ने मीडिया को दिए बयान में यह भी बताया है कि उसकी शादी हो चुकी है और वह सचिन के साथ ही रहना चाहती है।

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