नई दिल्ली| राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि हमें वोट देने के अपने बहुमूल्य अधिकार का हमेशा सम्मान करना चाहिए, क्योंकि यह कोई साधारण अधिकार नहीं है। इस अधिकार को पाने के लिए दुनियाभर के लोगों ने काफी संघर्ष किया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित 11वें ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि “यह हम सभी की, विशेषकर हमारे युवाओं की, जिन्हें पहली बार मतदान करने का अधिकार मिला है, जिम्मेदारी है कि अपने मताधिकार का प्रयोग पूरी ईमानदारी के साथ करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।”
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान ने योग्यता, धर्म, नस्ल, जाति के आधार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को समान मतदान अधिकार दिए हैं। इसके लिए हम अपने संविधान-निर्माताओं के ऋणी हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने मतदान के अधिकार को सर्वोपरि माना।
कोविड महामारी के दौरान पिछले साल बिहार, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में सफल व सुरक्षित चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र की असाधारण उपलब्धि है।
उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि निर्वाचन आयोग ने सहज, समावेशी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए कई अभिनव और समयबद्ध उपाय किए हैं।
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस (25 जनवरी, 1950) पर 2011 से हर साल 25 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।
–आईएएनएस

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