नई दिल्ली| केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो (आईबी) प्रमुख अरविंद कुमार और सीआरपीएफ तथा बीएसएफ के महानिदेशकों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और देश में प्रचलित मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह एक नियमित बैठक थी, जो नियमित अंतराल पर होती रही है। लेकिन पता चला है कि कश्मीर में जारी सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की गई है, खासतौर पर घाटी में ‘लोन वुल्फ अटैक’ की पृष्ठभूमि में चर्चा की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठक के दौरान पाकिस्तान के इशारे पर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से घुसपैठ की कोशिश पर भी चर्चा हुई और गृह मंत्री ने बीएसएफ और सीआरपीएफ प्रमुखों को घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए कहा है।
इससे पहले दिन में, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा था कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में लोन वुल्फ के हमले की तीन घटनाएं हुई हैं, लेकिन इस तरह के हमलों को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं और घाटी की सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है।
बता दें कि लोन वुल्फ भेड़िए की तरह आतंकी हमला करने की रणनीति है, जिसका इस्तेमाल अक्सर आतंकवादी करते हैं। ऐसे हमले में आतंकी अकेले ही हमला करता है। इस रणनीति के तहत आतंकी छोटे हथियार का इस्तेमाल करते हुए अधिक से अधिक लोगों की जान लेना का प्रयास करता है।
यह स्वीकार करते हुए कि जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर कुछ समस्याएं हैं, उन्होंने कहा कि बल खुफिया जानकारी को मजबूत कर रहा है और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में है और वहां आतंकवादी हमलों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
–आईएएनएस

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