विजय गौड़
नई दिल्ली: मानवाधिकारों की रक्षा करना पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी : संतोष मेहरा मानवाधिकारों की रक्षा करना पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी : संतोष मेहरा स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज ऑफ के.आर. मंगलम विश्वविद्यालय गुरुग्राम हरियाणा एवं भागीदारी जन सहयोग समिति के संयुक्त तत्वावधान में “पुलिस के प्रति लोगों की धारणा: मिथक या वास्तविकता” विषय पर फेसबुक लाइव सत्र में मानव अधिकारों के संरक्षण के प्रति राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की कटिबद्धता का उल्लेख करते हुए प्रमुख वक्ता संतोष मेहरा, आईपीएस, महानिदेशक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा करना पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी है पुलिस की छवि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा किअच्छाई और बुराई हर जगह और सभी विभागों में है, फिर हम बिना पुलिस के संसाधनों की जानकारी के अभाव में उसकी छवि के निर्णायक नहीं हो सकते पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की कई बार सूचना मिली है। लेकिन निश्चित रूप से बहुत ही स्वाभाविक कारण हैं जब प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हो रही है, थाने में संसाधनों की कमी भी हो सकती है तथापि पुलिस ने कोरोनो वायरस स्थितियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और पुलिसकर्मी ने अग्रिम पंक्ति में कोरोना योद्धाओं के रूप में काम किया है।पुलिसकर्मियों के सामने आने वाली कठिनाइयों के अलावा सीधी धूप तेज हवा, कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन और लगातार पैरों पर लगातार खड़े रहना और कम से कम छुट्टियां हैं, इस तथ्य को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते उन्होंने विदेशों में पुलिस व्यवस्था एवं पुलिस स्टाफ के प्रति जनता की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए बताया कि वहाँ जनता पुलिस के संसाधनों की उपलब्धता के लिए सरकार पर दबाव डालती है।
सत्र के दूसरे वक्ता विजय गौड़ महासचिव भागीदारी जन सहयोग समिति एवं वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर मदरलैंड वौइस् दैनिक राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र ने कहा कि बिना पुलिस के चुनौतीपूर्ण कार्यों को जाने बिना पुलिस के प्रति नकारात्मक राय बनाना बेमानी है उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में पुलिस की छवि सुधरी है पुलिस टीम में युवाओं की भागीदारी शिक्षित वर्ग से आयी है और उन्होंने जनता की सोच को बदला है , जनता का दिल जीता है आज के पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बदलाव आया है। उन्हें नई तकनीकों से प्रशिक्षित किया जा रहा है और समय आएगा जब हम और अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे आज आवश्यकता है जनता को अपनी छवि सुधरने की , जागरूक नागरिक बनकर अपराध रोकथाम में एक सशक्त माध्यम बनने की पुलिस एवं जनता का परस्पर सहयोग ही अपराध मुक्त समाज का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम का संयोजन संयुक्त रूप में कावेरी शर्मा डीन स्कूल ऑफ़ लीगल स्टडीज , डॉ0 ममता शंकर , डॉ0 अवजीत कौर , डॉ0 अंशुल सलूजा ने अशोक अरोड़ा के निर्देशन में किया। कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर रहे मदरलैंड वौइस् राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र , समाचार वार्ता न्यूज़ मीडिया , जनमत समाचार एवं लीगल जंक्शन।

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