नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में मुकदमे को पूरा करने और अपना फैसला सुनाने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। अदालत ने आठ मई को ट्रायल कोर्ट को विध्वंस मामले में मुकदमे को समाप्त करने अपना फैसला सुनाने के लिए और 31 अगस्त तक का समय दिया था। फैसला सुनाने की अंतिम समय सीमा अप्रैल थी।
न्यायाधीश रोहिंटन फली नरीमन, नवीन सिन्हा और इंदिरा बनर्जी की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, सुरेंद्र कुमार यादव की रिपोर्ट को पढ़ने के बाद, विशेष न्यायाधीश ने परखा है और यह देखते हुए कि कार्यवाही अंतिम छोर पर है, हम एक महीने का समय देते हैं। अर्थात फैसला सुनाने सहित कार्यवाही को पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2020 तक का समय है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती और 13 अन्य को दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस मामले में आपराधिक साजिश के आरोप में मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।
अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर अपील की अनुमति देकर आडवाणी, जोशी, उमा भारती और 13 अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ साजिश के आरोपों को बहाल किया था।
–आईएएनएस

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