मुंबई| सुशांत सिंह राजपूत शायद बार-बार इस पर इशारा कर रहे थे कि वे किस मानसिक और भावनात्मक स्थिति से गुजर रहे थे, लेकिन किसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। आज उनके जाने के बाद सोशल मीडिया का एक पोस्ट उनकी मनोस्थिति का खुलासा कर रहा है।
उनके अंतिम इंस्टाग्राम पोस्ट ने अंतिम दिनों में अभिनेता की मानसिकता पर ध्यान आकर्षित किया है। पोस्ट में अपनी दिवंगत मां को संबोधित कर एक संदेश लिखा है, इसे उन्होंने 3 जून को पोस्ट किया था। अभिनेता ने लिखा था, “आसुंओं से धुंधला अतीत, मुस्कुराहट के आर्क उकेरते असीमित सपने और एक क्षणभंगुर जीवन, जो दोनों से बातचीत करता हो.. मां।”
सुशांत की मां का निधन साल 2002 में हुआ था, इसी साल परिवार पटना से नई दिल्ली आ गया था।
अब अभिनेता के निधन के बाद कई लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं कि क्या ‘क्षणभंगुर जीवन’ और ‘आंसुओं से धुंधला अतीत’ जैसे शब्द इस तथ्य का संकेत देते हैं कि सुशांत किसी तरह के दर्द में थे।
उनके हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट उनके मन की स्थिति को उजागर कर रहे हैं कि वह इसे कैसे झेल रहे थे। कथित तौर पर अवसाद से लड़ रहे अभिनेता ने मदद के लिए योग और मेडिटेशन का भी सहारा लेने का भी खुलासा किया था।
एक पोस्ट में अभिनेता ने जाने देने को लेकर भी लिखा था। उन्होंने लिखा था, “बिना अभिमान के प्राप्त करें, बिना लगाव जाने दें। हैशटैगमेडिटेशंस।”
सुशांत मुकेश छाबरा के ‘दिल बेचारा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी देशभर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी।
–आईएएनएस

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