कोलकाता| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तीन नए हवाईअड्डों की स्थापना में अनिश्चित काल के लिए देरी हो रही है, क्योंकि केंद्र इसकी अनुमति नहीं दे रहा है।
उन्होंने खड़गपुर शहर में पश्चिमी मिदनापुर जिले के लिए एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में बालुरघाट, कूचबिहार और मालदा में तीन नए हवाईअड्डे स्थापित करने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार ने इन तीन प्रस्तावित नए हवाईअड्डों के लिए जमीन भी तय की है। लेकिन प्रक्रिया केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास अटकी हुई है। हमें अनुमति नहीं दी जा रही है।”
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत धन जारी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, “केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन में पश्चिम बंगाल अव्वल है। इससे केंद्र सरकार को ईष्र्या है और उसने जानबूझकर विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत धन जारी करना बंद कर दिया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह अब केंद्र सरकार की दया का इंतजार नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, “हम सांसदों और विधायकों को आवंटित विकास निधि से अपनी लंबित परियोजनाओं को पूरा करेंगे।”
ममता की बातों का खंडन करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया कि धन के घोर दुरुपयोग और राज्य सरकार द्वारा पिछले व्यय के उपयोग प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने के कारण केंद्र ने धन रोक दिया था। उन्होंने आरोप लगाया, “कई मामलों में केंद्रीय परियोजनाओं के नाम बदले गए, ताकि राज्य सरकार इसे राज्य की परियोजना के रूप में पेश कर सके। हमेशा की तरह मुख्यमंत्री गलत जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं।”
–आईएएनएस

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