नई दिल्ली| मालेगांव विस्फोट मामले में मुख्य अभियुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित (सेवानिवृत्त) को सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। साल 2008 में हुए इस विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने पुरोहित को इस हिदायत के साथ सशर्त जमानत दी कि वह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
पुरोहित ने 25 अप्रैल के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी, जिसने इस मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को तो जमानत दे दी थी, पर पुरोहित की याचिका खारिज कर दी थी।
नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी।
जांच एजेंसियों ने पूर्व में इस विस्फोट के तार दक्षिणपंथी संगठन अभिनव भारत से जोड़े थे।
–आईएएनएस

और भी हैं
कोलकाता पुलिस ने भांगड़ कॉलेज में हुई झड़पों के सिलसिले में चार लोगों को किया गिरफ्तार
सीएम मोहन यादव की राज्यपाल से भेंट, सरकार की नीतियों और योजनाओं की दी जानकारी
पहली पुण्यतिथि पर याद किए गए शिबू सोरेन, सीएम हेमंत ने पैतृक गांव में किया 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण