मुंबई| महानायक अमिताभ बच्चन ने यौन उत्पीड़ित लोगों को शर्मिदगी का अहसास नहीं कराने के संबंध में एक सामाजिक अभियान के तहत अपनी आवाज रिकॉर्ड की है, जिसमें उन्होंने परिवार, अधिकारियों और नागरिकों से यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर चुप्पी तोड़ने और उन्हें शर्मिदगी का अहसास नहीं कराने का आग्रह किया है।
अमिताभ ने सार्वजनिक तौर पर जागरूकता लाने के मकसद से स्टार प्लस की पहल पर अपनी आवाज रिकॉर्ड की है, जिसमें उन्होंने चरित्र हनन करने वाले दोषियों से पूछा है, “गलती किसकी है?” यह अभियान इस बात को समर्थन देता है कि समाज को पीड़ितों को शर्म का अहसास कराने के बजाय अपराधियों पर मुकदमा चला कर उन्हें दोषी ठहराया जाना चाहिए।
अमिताभ ने इस बारे में कहा, “यह विचार कि एक महिला यौन उत्पीड़न का शिकार होने पर अपनी गरिमा खो देती है, हमारी सांस्कृतिक मानसिकता में मजबूती से पैठ बनाए हुए हैं। पीड़ितों के बजाय अपराधियों को शर्म का अहसास कराना चाहिए। हमें उन्हें सुरक्षित और सहयोगी माहौल देने की जरूरत है, जहां पीड़ित विशेष रूप से उन लोगों से आश्रय पा सकते हैं, जिनके पास वे सुरक्षा के लिए जाती हैं जैसे अधिकारी, परिवार और समाज।”
अमिताभ (74) कहते हैं कि कहानियों के माध्यम से आगे बढ़कर इस बारे में बात करने की जरूरत है, जिससे लोगों की सोच में बदलाव लाया जा सके।
अभिनेता ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर लिखा था कि यह शर्म की बात है कि इस विषय में जागरूकता लाने के लिए विभिन्न माध्यमों और अभियानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
–आईएएनएस

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