नई दिल्ली : श्रमिक संगठन द सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन (सीटू) ने बुधवार को त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता संभालने के बाद कथित ‘दक्षिणपंथी गुंडों’ द्वारा राज्य में वामपंथी कार्यकर्ताओं और कार्यालयों पर हमले की निंदा की। सीटू ने एक बयान में आरोप लगाया कि भाजपा ने अलगाववादी ताकतों के साथ मिलकर, धन व बाहुबल का इस्तेमाल कर त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है।
बयान के अनुसार, “सत्तारूढ़ पार्टी अब पूरे राज्य में वाम पार्टियों और सीटू के सदस्यों और समर्थकों के घरों एवं कार्यालयों में हमला कर आतंक का राज स्थापित कर रही है।”
बयान के अनुसार, वाम और वाम से जुड़े समूहों के सैकड़ों कार्यालयों और 1500 घरों पर हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
बयान में कहा गया है, “इन हमलों ने..एक बार फिर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति आरएसएस और भाजपा की अवमानना को प्रदर्शित किया है। इन्होंने इन संगठनों के देश विरोधी चरित्र को दिखाया है जिन्हें सत्ता में आने के लिए अलगाववादी ताकतों से हाथ मिलाने में गुरेज नहीं है।”
–आईएएनएस

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